नई दिल्ली, फरवरी 20 -- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर की सबसे बड़ी तकनीकी क्रांति बनकर उभरी है, लेकिन यह एक ऐसी दुधारी तलवार है जिसका सही इस्तेमाल विकास की नई ऊंचाइयां छू सकता है, तो इसकी अनदेखी गंभीर संकट पैदा कर सकती है। शुक्रवार को इंडिया एआई समिट के एक सत्र में हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति और शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा समेत तमाम क्षेत्रों में मदद करेगी, लेकिन इससे जुड़े खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित करना अब ऐच्छिक नहीं, बल्कि अनिवार्य हो गया है। डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि एआई को लेकर वैश्विक स्तर पर हो रही प्रगति और इसके संभावित जोखिमों को लेकर कहा कि एआई जहां कई स्तर पर प्रगति के रास्ते खोलेगी। जैसे विवेकानंद द्वारा लिखी गई किस...
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