लखनऊ, जनवरी 24 -- 'त्रिनेत्र', 'बीट प्रहरी', 'ऑपरेशन पहचान' जैसे एप को एकीकृत कर बनाया गया 'यक्ष एप' पुलिसिंग को और बेहतर करेगा। पहले कई सूचनाओं को एक स्थान पर रखने में दिक्कत होती हैं। इस परेशानी को यक्ष एप दूर करेगा। यह बात डीजीपी राजीव कृष्ण ने शनिवार को इस एप को लेकर प्रशिक्षण देने के लिए पुलिस मुख्यालय में तीन दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन के मौके पर कही। डीजीपी ने कहा कि बीट प्रणाली पुलिसिंग की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। सिपाही ही पुलिसिंग का मुख्य आधार होते हैं। 100 साल से अधिक समय से पुलिस की मूल संरचना का आधार यही रहे हैं। अब इनके द्वारा मिलने वाली सूचनाओं को एक स्थान पर संग्रहित किया जा सकता है। एआई आधारित इस एप से अपराधी से जुड़ी कई सूचनाएं सभी संबंधित बीट तक तुरंत पहुंच जाएगी। इससे कम समय में ही सत्यापन व अन्य अभियान चलाए जा सकेंग...
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