गोरखपुर, फरवरी 7 -- गोरखपुर, निज सवाददाता। निजीकरण को लेकर बिजलीकर्मियों का लगातार 437 दिनों से प्रदर्शन जारी है। शनिवार को बिजली कर्मियों ने निजीकरण के एकतरफा फैसले का विरोध करते हुए कहा कि निजीकरण का एकतरफा निर्णय ऊर्जा निगमों में कार्य वातावरण को गंभीर रूप से प्रभावित कर चुका है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि इस निर्णय के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है और उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा है। आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा नियमित कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं के विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे ऊर्जा निगमों में तनाव और टकराव का वातावरण बन गया है तथा विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। समिति ने इसे "अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति" बताया है। इस दौरान पुष्पेन्द्र सिंह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.