नई दिल्ली, फरवरी 17 -- सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (17 फरवरी) को जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ में छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक मामले की सुनवाई हो रही थी, जिसमें अदालत ने पिछली सुनवाई यानी 2 जनवरी को याचिकाकर्ता को गिरफ्तारी से छूट दी थी लेकिन कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर SDO ने UAPA लगाकर आरोपी को हिरासत में ले लिया था। सुप्रीम कोर्ट इस बात पर भड़क गया और उस अधिकारी को पेश करने का आदेश दिया है, जिसने UAPA लगाया था। दरअसल, याचिकाकर्ता मनीष राठौर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (बी) के तहत आरोप दर्ज किए गए थे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को गिरफ्तारी से छूट दी थी लेकिन जिला प्रशासन ने उस पर UAPA लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। मनीष राठौर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य के मामले में सोमवार को याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील ने अदाल...
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