कानपुर, दिसम्बर 30 -- कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के वैज्ञानिकों ने नए वर्ष से पहले किसानों को तीन नए उपहार दिए हैं। विवि की तीन नई प्रजातियां किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ फसलों में होने वाले नुकसान को कम करेंगी। इसमें गेहूं को दो नई प्रजातियां के-1905 व के-1910 हैं। वहीं, तीसरी प्रजाति सरसों की आजाद गौरव है। मंगलवार को लखनऊ के कृषि भवन में हुई राज्य बीज विमोचन समिति की बैठक में इन तीनों प्रजातियों को हरी झंडी दे दी गई है। विवि के निदेशक शोध डॉ. आरके यादव ने बताया कि गेहूं की दोनों नई प्रजातियां के-1905 और के-1910 उसर भूमि के लिए विकसित की गई है। यह उसर भूमि पर अच्छी पैदावर देने के साथ भूरा, पीला व काला रस्ट के प्रति अवरोधी है। इसमें कीटों के हमले का प्रभाव कम पड़ता है। ये प्रजातियां 125 से 1...
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