कानपुर, फरवरी 18 -- उर्सला अस्पताल की लापरवाही की वजह से एक पिता अपने इकलौते बेटे को आखिरी बार जीवित हालत में देख भी नहीं सका। दरअसल, युवक पिता को किसी दूसरे के नंबर से फोन कर उर्सला में भर्ती हो गया। गुजरात से लौटे पिता अपने बेटे अनुज को उर्सला में उसे तलाशते रहे पर मिला नहीं। क्योंकि यहां उसका नाम अरुण लिख दिया गया था। पिता नौ दिन भटकता रहा और पुलिस ने मंगलवार को पहुंचकर उसकी मौत की जानकारी दी तो कोहराम मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि बेटे का पहले पता चल जाता तो शायद उसका इलाज सही से हो पाता और जान बच जाती। पुराना कानपुर निवासी 42 वर्षीय अनुज उर्फ विनीती होटल में वेटर था। परिवार में मां निशा और दो शादीशुदा बहनें स्वाति और प्रियंका हैं। पिता राजेश दीक्षित ने बताया कि छह फरवरी को बेटे ने अनजान नंबर से कॉल कर उर्सला में भर्ती होने की ...
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