उरई, नवम्बर 15 -- बजट की कमी और डीपीआर की स्वीकृति न मिलने की वजह से शहर में विकास कार्यों का पहिया धीमा पड़ा है। नौ माह पहले नगर पालिका द्वारा अलग अलग योजना के तहत भेजी गई दस करोड़ की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन में लंबे समय से अटकी पड़ी है। अधिकारियों के तमाम प्रयास के बाद भी प्रस्ताव पास होकर नहीं आए है। इस वजह से नए काम शुरू नहीं हो पाए है और विकास कार्यों को रफ्तार नहीं मिल पाई। कहने को भले ही उरई का सीमा विस्तार न हो पाया, पर शहर का क्षेत्रफल लगातार बढ़ता जा रहा है। 34 वार्ड के उरई में तमाम जगहों पर विकास नहीं पहुंच पाया है। मलिन बस्तियों में कई इलाके तो ऐसे हैं जहां लोग बदहाली से जीवन जी रहे है। न तो सड़कें बनी हैं और न ही पानी के ठीक इंतजाम हैं। ऐसे वार्डों में सड़कों के साथ जलनिकासी की समस्या दूर करने के लिए पालिका ने पिछले द...