भदोही, जनवरी 10 -- भदोही, संवाददाता। अमेरिकी धमकियों के बीच यूरोपिय बाजारों पर भारत के कालीन निर्यातकों की नजर है। ऐसे में उम्मीदों के रथ पर सवार होकर निर्यातक हिमटेक्स्टिल-2026 में भाग लेने को रवाना हो गए। कालीन नगरी से 48 निर्यातक मेले में भाग लेंगे। उधर, सेंपल को निर्यातकों ने गत माह दिसंबर में ही हवाई एवं समुद्री मार्ग से भेज दिया था। बता दें कि 17 हजार करोड़ से ज्यादा कालीन निर्यात भारत विदेशों में करता है। इसके अलावा एक हजार करोड़ से ज्यादा देशी बाजार भी है। इन दिनों सस्ती एवं आधुनिक कालीनों की मांग पूरी दुनिया में है। भदोही के हस्त निर्मित कालीनों का तोड़ पूरी दुनिया में कहीं नहीं है। यही कारण है कि भारत का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका में है। कालीनों की सर्वाधिक मांग अमेरिका में है। रूस से पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद के कारण अमेरिकी रा...
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