मधुबनी, सितम्बर 22 -- मधेपुर। साधना, आराधना एवं पूजा अर्चना का महापर्व है शारदीय नवरात्र। मिथिला अपनी अनुपम कला संस्कृति व विशिष्ट पूजन पद्धति के लिए प्रसिद्ध रहा है। मधेपुर प्रखंड के लक्ष्मीपुर चौक तथा लखनौर प्रखंड के उमरी गांव में शैलपुत्री के रूप में पूजन के साथ प्रथम दिन से ही दर्शनार्थ माता का नेत्रपट खोल दिया जाता है। सोमवार को शैलपुत्री के रूप में आराधना के साथ उमरी एवं लक्ष्मीपुर चौक पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ पट खोल दिया गया है। उमरी दुर्गा स्थान के आचार्य श्रवण कुमार ठाकुर तथा लक्ष्मीपुर चौक दुर्गा स्थान के आचार्य रतन कुमार मिश्र कहते हैं कि 'महाजनो येन गतः स पंथाः अर्थात पूर्वज जो करते आये हैं, उसी के अनुरुप हमलोग शक्ति स्वरुपा देवी दुर्गे की पूजा-अर्चना करते हैं। हालांकि, शास्त्रीय पद्धति के अनुसार सप्तमी तिथि को नेत्रपट खोला...
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