लखनऊ, नवम्बर 9 -- केजीएमयू -आठ घंटे चले ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने किशोर के चेहरे को आकार ठीक किया -उभरी नाक की वजह से परिजन और ग्रामीण भगवान गणेश का अवतार मानकर पूजा करने लगे थे -चेहरे में सूजन व दिक्कत बढ़ने पर पिता बेटे को लाए केजीएमयू लखनऊ, कार्यालय संवाददाता केजीएमयू के डॉक्टरों ने कुशीनगर के 14 वर्षीय गणेश की उभरी नाक की जन्मजात विकृति का जटिल ऑपरेशन किया है। आठ घंटे चले ऑपरेशन और प्लास्टिक सर्जरी के बाद अब किशोर की नाक का आकार करीब-करीब सामान्य हुआ है। परिजन और ग्रामीण किशोर को बचपन के उपचार के बजाए उसे गणेश भागवान मानकर पूजा करनी शुरू कर दी थी। परिजनों ने बेटे का नाम भी गणेश रख दिया। केजीएमयू में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. बृजेश मिश्रा ने बताया कि किशोर को जन्म के समय से दिमाग के ऊतक नाक के पास निकले थे। किशोर को हाइपरटेलोरिज्म ...