बागपत, सितम्बर 2 -- यमुना में जलस्तर तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। यमुना अपने पूरे उफान पर है जिस कारण तटीय गांवों में स्थिति बिगड़ने लगी है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से छपरौली, शबगा, कुरडी, टांडा, बदरखा, जागोस, कोताना गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों में रहने वाले किसानों की सैंकड़ों बीघा गन्ने, ज्वार, लोकी, करेला, धनिया, मिर्च आदि की फसल तो पहले ही यमुना की भेंट चुकी है। फिलहाल किसानों को सबसे अधिक परेशानी पशुओं के चारे को लेकर आ रही है। यमुना में सारी फसल डूब चुकी है जिस कारण किसानों को अपनी जान जोखिम में डालकर यमुना की तेज धार के बीच से चारा लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारी इन किसानों से भी यमुना में ना जाने की अपील कर रहे हैं। ट्यूबवेल, कक्ष, बोरिंग, विद्युत लाइन समेत जमीन कटान की वीडियो बनाकर किसानों द्वारा वायरल की जा रह...
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