शामली, अगस्त 8 -- हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के इलाको से लगातार हो रही बारिश के बाद से यमुना नदी का जलस्तर खेतो के तटों को छु गया है। जलस्तर के रूद्र हुये प्रवाह के कारण तटवर्ती गावों के किसानों की परेशानियां बढ गई है। किसानों अपने अपने खेतों मे निगरानी कर रहे है। इसके अलावा उत्तराखंड मे बादलों के फटने के बाद हुई तबाही में टूटे पेड़ बहकर यमुना नदी मे आ रहे है,जिसको पकडने के लिये लोग अपनी जान को जोखिम मे डाल रहें है,जिसको पुलिस-प्रशासन अनदेखा कर रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को भी भारी बरसात के कारण गुरूवार की सुबह आठ बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में इस सीजन का सर्वाधिक पानी रिकॉर्ड किया गया। यमुना नदी में करीब 31827 क्यूसेक पानी को यमुना नदी मे छोडा गया। सिचांई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.