हापुड़, जून 19 -- मई में मौसम नरम के बाद जून मे एक पखवाड़े भीषण गर्मी का अहसास कराते हुए मंगलवार की रात को हल्की बारिश ने लोगों को राहत दी है। वहीं 27 जून से मानसून के आहट को लेकर गंगा किनारे बस 15 से अधिक गांवों की आबादी बाढ़ आने को लेकर चिंतित होने लगी है। हालांकि डीएम ने दस दिन पहले ही बाढ़ की तैयारियों को लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए थे। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हरिद्वार बैराज से 18 हजार क्यूसेक पानी छोडा गया है। जिससे गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। जनपद में गंगा किनारे बसे 24 गांवों की आबादी को बारिश से पहले बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बाढ़ सावन मास से लेकर भादो माह तक विकराल रुप धारण कर विनाश करती है। जिसमें किसानों की खेती तबाह होती है तो मकान तक गिर जाते हैं। हालांकि प्रशासन ने बाढ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। जैसे ...
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