रुद्रपुर, सितम्बर 12 -- खटीमा। उप चिकित्सालय में व्हीलचेयर का भारी टोटा होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है मरीजों को तीमारदार सहारा देकर कर अस्पताल ला और ले जा रहे है। प्रतिदिन 400 से 500 ओपीडी वाले उप चिकित्सालय के इमरजेंसी कक्ष के बाहर एक भी व्हीलचेयर मौजूद नहीं है। ऐसे मरीज जो बीमारी या कमजोरी की वजह सेचलने फिरने में अक्षम है। एकमात्र व्हीलचेयर जो डिलीवरी रूम के बाहर रहती है उसी के सहारे मरीजों को लाया के जाया जाता है वो भी दूसरी मंजिल पर रहती है आवश्यकता पड़ने पर उसे काफी खोजबीन के बाद इमरजेंसी रूम के बाहर लाया जाता है।अगर व्हीलचेयर मिल भी जाए तो अस्पताल का वार्ड बॉय स्टाफ न तो मरीज को डॉक्टर रूम या इमरजेंसी रूम तक पहुंचाता है न ही मरीज के भर्ती होने की अवस्था में दुमंजिला पर स्थित वार्ड तक ले जाते है।ये सारा काम मरीज के साथ ती...
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