रामपुर, अक्टूबर 29 -- आर्य समाज के तत्वाधान में आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में सत्ताईसवे वेद महोत्सव 21 कुंडीय वैदिक महायज्ञ के दूसरे दिवस की प्रथम बेला में गुरुकुल पूठ गढ़मुक्तेश्वर से पधारे स्वामी अखिलानंद जी सरस्वती ने वैदिक विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के द्वारा यज्ञ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी मोक्षानन्द सरस्वती ने प्रवचन देते हुए बताया कि परमपिता परमात्मा आपके अंत:करण सहित यत्र, तत्र, सर्वत्र सभी जगह व्याप्त है। हमें परमपिता परमात्मा की उपासना करना चाहिए उपासना करने से हमारी आत्मा को बल मिलता है अर्थात इंसान हिम्मत के साथ बड़े से बड़ा कार्य करने में सक्षम होता जाता है। कार्यक्रम की द्वितीय बेला में मेरठ से पधारे अनिल दत्त नादान और खतौली मुजफ्फरनगर से पधारी बहिन सुकीर्ति आर्या ने भजनों के माध्य...
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