बदायूं, दिसम्बर 25 -- बिल्सी। गांव गड़रपुरा में चल रही भगवान बुद्ध की कथा के छठे दिन कथावाचक श्याम सुंदर बौद्ध ने उपाली नाई के भिक्षु बनने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने भगवान बुद्ध के समता, करुणा और अहिंसा के संदेश को विस्तार से बताते हुए लोगों से उनके मार्गदर्शन पर चलने को कहा। कथावाचक ने बताया कि उपाली एक साधारण नाई था, लेकिन भगवान बुद्ध ने उसे भिक्षु बनाकर यह संदेश दिया कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है, न कि जाति या पद से। बुद्ध के संघ में उपाली को उच्च स्थान दिया गया, जिससे समाज में समानता और भाईचारे का भाव मजबूत हुआ। कथावाचक राजेश्वरी बौद्ध ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें त्याग, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर पानसिंह, सुनील कुमार, श्यामवीर, रामवीर, शिशुपाल, धर्मेंद्र कुमार, विनोद कुमार, चंद्रभा...