नई दिल्ली, सितम्बर 13 -- रामनारायण श्रीवास्तव नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद भाजपा संगठन के चुनावों को जल्द पूरा करने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ और देरी होने की भी संभावना है। बीते दो माह की घटनाओं से राजनीतिक व सामाजिक समीकरण भी बदले हैं। राजनीतिक दृष्टि से क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन कायम करने की पार्टी की कवायद कुछ मामलों में कम हुई है तो कहीं और बढ़ी है। भाजपा के संगठन चुनावों की शुरुआत को लगभग एक साल पूरा हो चुका है। बीते साल अक्तूबर में राष्ट्रीय चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई थी। यह भाजपा की सबसे लंबी संगठन चुनाव प्रक्रिया है। बीते सालभर में कई बार ऐसी परिस्थितियां बनी जब संगठन चुनावों की प्रक्रिया को रोकना या धीमा करना पड़ा। इसके अलावा, सर्वमान्य निर्णय में देरी भी एक बड़ी वजह रह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.