नई दिल्ली, जनवरी 4 -- नई दिल्ली। पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने अगले महीने पेश होने वाले आम बजट में कर नीति को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का सुझाव देते हुए कहा कि उपभोग बढ़ाने के नाम पर कर राजस्व छोड़ने की रणनीति ठीक नहीं है। उन्होंने साथ ही जोड़ा कि इससे आयकर तथा केंद्रीय जीएसटी, दोनों ही मदों में राजस्व को नुकसान हो रहा है। गर्ग ने वैकल्पिक नई कर व्यवस्था को एकमात्र आयकर योजना बनाने की जरूरत बताते हुए कहा कि बचत को बढ़ावा देने के नाम पर और अधिक छूट नहीं देनी चाहिए। चाहे इक्विटी हो, बॉन्ड हो, बैंक जमा हो या म्यूचुअल फंड, कर नीति सभी प्रकार के निवेशों पर समान होनी चाहिए।

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