नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मां और परिवार को खतरे की आशंका पर दो हफ्ते में एक रिपोर्ट दाखिल करे। न्यायमूर्ति पंकज मिथल और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ दुष्कर्म पीड़िता की मां द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के जीवन और स्वतंत्रता को गंभीर खतरा होने का आरोप लगाया था। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार को इस मुद्दे पर दो हफ्ते में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मां ने शीर्ष अदालत के 25 मार्च के उस आदेश को वापस लेने की मांग की है, जिसमें उनके परिवार और अन्य गवाहों को दी गई सीआरपीएफ सुरक्षा हटा ली गई थी।
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