अल्मोड़ा, अक्टूबर 8 -- अल्मोड़ा। सिविल जज सीनियर डिविजन अल्मोड़ा की अदालत ने एनआई एक्ट के मामले में फैसला सुनाया है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपी ने परिवादी से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। चार साल में आरोपी ने किस्तों में साढ़े चार लाख रुपये चुका दिए। अब भी उसके ऊपर तीन लाख रुपये की देनदारी शेष है। फैसला सुनाते हुए सिविल जज सीडि रविंद्र देव मिश्र ने आरोपी को एनआई एक्ट से बरी किया है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अधिवक्ता दीप चंद्र जोशी ने बताया कि सत्यों लमगड़ा निवासी परिवादी ने मार्च 2025 में न्यायालय में वाद दायर किया था। कहना था कि उसके आरोपी हरीश चंद्र जोशी निवासी अनुली धारखोला लमगड़ा के साथ पारिवारिक संबंध थे। आपसी संबंधों पर आरोपी ने जरूरत की बात कहते हुए तीन लाख रुपये उधार मांगे। इसी के नाते उसे काम चलाने के लिए उन्होंने तीन लाख रुपये दि...