रिंकू झा, जनवरी 24 -- जीविका दीदियां उद्यमी बनकर बिहार से पलायन रोक रही हैं। छोटे पैमाने पर कारोबार शुरू करने के बाद अपने परिवार को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं। बीते 3 सालों में 10 लाख से अधिक जीविका दीदियों ने पति को भी अपने कारोबार से जोड़ा है। आज वह लखपति हैं। पति पहले पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के राज्यों में कमाने जाते थे, लेकिन अब अपने गांव लौट कर पत्नी के साथ कारोबार संभाल रहे हैं। इसमें ज्वेलरी, हस्त शिल्प, सिलाई, नर्सरी और किराना दुकान जैसे काम शामिल हैं। जीविका प्रशासन के मुताबिक समूह से लोन लेकर लाखों दीदियों ने पहले छोटा कारोबार शुरू किया। परिवार के साथ अन्य को भी रोजगार दिया है। इनकी औसत कमाई सालाना 4 से 5 लाख रुपये है।दर्जी, बढ़ई, ज्वेलरी बनाने का काम करते थे 3 सालों में 10 लाख 66 हजार दीदियों के पति गां...
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