बदायूं, मार्च 27 -- सांसद यादित्य यादव ने लोकसभा में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक पर चर्चा की। सांसद ने कहा कि सहकारी आंदोलन पर पहले भी ऐसी कई समितियां बनी हुई है। 2018 में हमने देखा की हरियाणा के किसानों को डेयरी के माध्यम से बड़ा लाभ देने का काम किया गया। सांसद ने कहा कि 2020 में जो डिजीटल खेती थी उससे पंजाब को लाभ मिला। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा क्षेत्र हैं, जहां सहकारिता के क्षेत्र में काफी काम भी हुआ है, लेकिन उसके बाद भी सहकारिता का विकास नहीं हो पाया। इस विश्वविद्यालय को गुजरात ले जाना कहीं न कहीं पावर को जो सेंट्रलाइजेशन है उसको करने का प्रयास दिखाई देता है। आज 500 करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट के साथ यूनिवर्सिटी को बनाया जा रहा है, लेकिन जब मैं इसका पूरा विधेयक पढ़ता हूं तो उसमें एक ही चीज बार-बार दिखाई देती है, जो उत्तर...
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