नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- उत्तराखंड में सील किए गए मदरसे तब तक नहीं खुलेंगे, जब तक वे सभी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते। मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने धामी सरकार का रुख स्पष्ट किया।देहरादून, हरिद्वार और मंगलौर के संचालकों ने मदरसा बोर्ड अध्यक्ष से देहरादून में मुलाकात के दौरान सील किए गए मदरसे खोलने की मांग उठाई। इस पर कासमी ने कहा कि सरकार की कार्रवाई का उद्देश्य मदरसे मानकों के अनुरूप संचालित कराने के साथ बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके अलावा सरकार की कोई दूसरी मंशा नहीं है। कासमी ने बताया कि जो मदरसे मानकों का पालन नहीं कर रहे थे और सील किया जा चुका है। मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को नजदीकी स्कूलों में दाखिला मिलेगा। बताया कि बच्चों के दाखिले के लिए डीएम और शिक्षा विभाग को कहा गया है। मकतबों पर कार्रवाई नहीं होगी ...
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