रवि बीएस नेगी। देहरादून, जून 18 -- उत्तराखंड में 12 साल बाद नए वाटर टैरिफ पर काम शुरू हो गया है। इस बार नए टैरिफ में पानी के बिल को तय करने की अलग-अलग बेतरतीब व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। शहरों समेत गांवों के पेयजल उपभोक्ताओं के लिए पानी की कई अलग-अलग दरों की बजाय समानता लाई जाएगी।प्रॉपर्टी टैक्स के आधार पर पानी बिल सचिव पेयजल शैलेश बगोली ने निर्देश दिए कि पानी के नए टैरिफ में पुरानी सभी अव्यवहारिक चीजों को समाप्त किया जाए। पानी का टैरिफ ऐसा तैयार किया जाए, जिसे समझने में पेयजल उपभोक्ताओं को बहुत अधिक परेशान न होना पड़े। शहरों में सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स के आधार पर ही पानी के बिल की दरें तय होंगी। ग्रेविटी, हाईहेड और लोहेड के आधार पर पानी सप्लाई के अनुसार तय होने वाली दरों की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में एक...
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