नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- उत्तराखंड में स्वास्थ्य प्राधिकरण आयुष्मान योजना में इलाज के कई पैकेज की दरों में बदलाव करने जा रहा है। इसका मकसद योजना में मितव्ययता को बढ़ावा देने के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों के मनमाने बिलों पर रोक लगाना है। दरअसल, आयुष्मान योजना के तहत एक परिवार को साल में पांच लाख रुपए तक के निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। इस सीमा तक परिवार के कई सदस्य अपनी बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। लेकिन कई बार यह देखने को मिला है कि कुछ अस्पताल मरीजों के इलाज के बिल बढ़ाने के लिए उनकी दवाओं और जांच की संख्या बढ़ा रहे हैं। इस वजह से सरकार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है फिर भुगतान में दिक्कत आ रही है। कुछ दिन पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अफसरों की बैठक ली जिसमें यह विषय उठाया गया। इस पर प्राधि...
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