राजू वर्मा। रामनगर, जून 25 -- रामनगर के आपदाग्रस्त गांव चुकुम और अमरपुर के लोगों को मानसून आते ही कोसी नदी डराने लगी है। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बाढ़ की मार झेलने वाले चुकुम गांव की एक गर्भवती महिला समेत 10 परिवारों ने गांव ही छोड़ दिया है। मानसून के चार महीनों के लिए इन लोगों ने मोहान और रामनगर शहर में किराए पर घर लिए हैं।गांव की 70 फीसदी जमीन नदी में समाई पिछले कुछ वर्षों में बाढ़ के कारण चुकुम और अमरपुर गांव की 70 प्रतिशत जमीन और करीब 52 मकान कोसी में समा चुके हैं। हालांकि इस बार प्रशासन सुरक्षा दीवार बनाकर बाढ़ से बचाने के दावे कर रहा है, लेकिन इन दावों पर ग्रामीणों को भरोसा नहीं है। आशा कार्यकर्ता माधवी देवी ने बताया कि अमरपुर गांव निवासी अनिता गर्भवती है...
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