देहरादून, सितम्बर 26 -- उत्तराखंड के सहस्रधारा, कारलीगाड़, मजाड़ा और मालदेवता आदि क्षेत्रों में आपदा के दस दिन बाद भी पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर नदी-नालों से पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। कटाव होने से पानी के स्रोत की दूरी गांव से पहले से काफी ज्यादा बढ़ गई है। सहस्रधारा के ऊपरी इलाकों में मौजूद ग्रामीण आबादी पर इस आपदा की अधिक मार पड़ी है। उनका सड़क संपर्क तो कटा ही है बल्कि मूलभूत जरूरतों के लिए भी दूसरों पर आश्रित होना पड़ा है। कारलीगाड़ न्याय पंचायत क्षेत्र के प्रधान राजेश ज्वाड़ी ने बताया कि कारलीगाड़ में पानी के लिए गांव के पास से बरसाती नाले से प्लास्टिक के पाइप डालकर अस्थाई व्यवस्था बनाई गई है। यह व्यवस्था कहीं एक किलोमीटर, कहीं 500 मीटर तो कहीं 200 मीटर की दूरी पर बन पाई है। का...
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