लखनऊ, जुलाई 20 -- पर्वतों की चोटियों से घिरा और चारों धाम से सुसज्जित उत्तराखंड एक तरह से भारत का शिखर है। शिखर का आशय सिर से होता है। भारत के हर व्यक्ति का दायित्व है कि वह इस पावन देवभूमि पर जब भी जाए तो इसकी पवित्रतता और गौरव को बनाए रखे। साथ ही हर किसी को इस पवित्र जगह पर अराजकता फैलाने या घुसपैठ करने वालों से सतर्क रहना भी बहुत जरूरी है। अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा के 18वें स्थापना दिवस समारोह पर वक्ताओं ने यह विचार रखे। हजरतगंज सप्रू मार्ग स्थित उद्यान भवन सभागार में अखिल भारतीय उत्तराखंड महासभा का स्थापना दिवस उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की धुन के साथ धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलित और गणेश वंदना जय गणेश जय गणेश देवा... से की गई। इस वंदना में नृत्य रीमा वांणगी, महिमा सिंह, रेनू बोरा, रूचिका सिंह ...
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