नई दिल्ली, अगस्त 5 -- पंकज चतुर्वेदी,वरिष्ठ पत्रकार मंगलवार, 5 अगस्त का दिन उत्तरकाशी में तबाही लेकर आया। गंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव धराली में खीर गंगा में बादल फटने से विनाशकारी बाढ़ आई। बाढ़ के चलते न जाने कितने होटल और घर तबाह हो गए हैं, जिसके वीडियो काफी भयावह हैं। खीर गंगा के जल ग्रहण क्षेत्र में ऊपर कहीं बादल फटा, जिसके कारण यह बाढ़ आई। क्या इसका दोष बादल, बरसात या बाढ़ को दिया जाए? या यह भी देखा जाए कि पहाड़ी नदी से सटाकर निर्माण क्यों किए गए या फिर जब सरकारी रिपोर्ट चेता रही थी कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर भूस्खलन का दायरा बढ़ता जा रहा है, तब संवेदनशील इलाकों में निर्माण के लिए पहाड़ों को गिराना क्या जरूरी है? मानसून है, तो दुनिया के सबसे जिंदा पहाड़ पर यह सब तो होना ही था। इसी तरह, प्यास और पानी के लिए पलायन के कारण कुख्यात बुंदे...
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