उज्जैन, जुलाई 17 -- उज्जैन जिले में एक पुजारी ने मंदिर से मूर्ति ले जाने का किया विरोध तो पंचायत ने तुगलिक फरमान सुनाते हुए उसका हुक्का पानी बन्द करने के साथ बच्चों के बाल काटने से लेकर स्कूल जाने तक रोक लगा दी। इतना ही नहीं गांव में पुजारी की मदद करने वालों और बात करने वालों पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुना दिया। आखिरकार पुजारी कलेक्टर रौशन सिंह के पास पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के गांव झलारिया पीर में 300 साल पुराना धर्मराज मंदिर है। गांव की आबादी करीब 4 हजार है। पूनमचंद चौधरी मंदिर के शासकीय पुजारी बताये जाते हैं। वह मंदिर से लगी जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब गांव के कुछ लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार के नाम प...
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