गिरडीह, जनवरी 16 -- गावां। झारखंड राज्य गठन के बाद बीते ढाई दशकों में गावां प्रखंड की तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। कभी उग्रवाद और अपराध के साए में जीने को मजबूर यह इलाका आज शांति और सुरक्षा के माहौल में सांस ले रहा है। सड़क-पुलों के निर्माण से आवागमन सुगम हुआ है और अधिकांश गांव मुख्य पथ से जुड़ चुके हैं। बावजूद इसके, चिकित्सा, शिक्षा, सिंचाई और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में गावां आज भी विकास की राह ताक रहा है। अलग राज्य बनने से पहले गावां प्रखंड की हालत बेहद दयनीय थी। प्रखंड मुख्यालय को छोड़ शेष पंचायतें मुख्य सड़क से कटी हुई थी। लोगों को पैदल या साइकिल से जोखिम भरा सफर तय कर मुख्यालय पहुंचना पड़ता था। बरसात के दिनों में सकरी नदी उफान पर आ जाता था। गावां, माल्डा, पसनौर, चरकी और सेरुआ जैसे गांव टापू में तब्दील हो जाते थे। गर्भवती महि...
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