नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 20 फीसदी इथेनॉल (ई-20) मिश्रित पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने यह फैसला तब दिया, जब केंद्र ने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से देश के गन्ना किसानों को काफी फायदा हो रहा है। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इससे पहले, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने नीति आयोग की 2021 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें पुराने वाहनों के ई-20 मानकों के अनुरूप नहीं होने और इस पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में चिंता जाहिर की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता फरासत ने कहा कि याचिकाकर्ता पेट्रोल में इथेनॉल-मिश्रण के खिलाफ नहीं है, बल्कि सिर्फ 2...