बलिया, फरवरी 14 -- मनियर। ई-रिक्शा का संचालन नगरीय और ग्रामीण सेवा के लिए किये जाने का शासनादेश है। लेकिन अब यह मुख्य मार्गों पर सवारी ढोलने लगे हैं। ऐसे में सलाहग के सीजन में यात्रियों और ई-रिक्शा चालकों के साथ आए दिन नोक-झोंक होता नजर आने लगा है। यात्रियों से गांव के लिए रिर्जव कर जाने के लिए वह तैयार हो जा रहे है। लेकिन वह देहात में सवारी ढोने से कतराने लग रहे हैं। इससे खासकर महिलाओं को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो ई-रिक्शा अधिकतर बिना रजिस्ट्रेशन व बिना लाइसेंस के मुख्य सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि इनका वैध लाइसेंस भी नगर के अंदर और गांव में चलाने के लिए दिया जाता है।

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