समस्तीपुर, जनवरी 6 -- शाहपुर पटोरी,। सनातन धर्म सबसे प्राचीन व सर्वोत्तम है। यह मनुष्य को सद्कर्म की राह दिखाता है। भगवान श्रीराम को पुरुषोत्तम कहा जाता है क्योंकि उनके व्यवहार व विचार श्रेष्ठ थे। उनके जीवन पर आधारित धर्म ग्रंथ रामायण की चौपाई का अर्थ समझने वाले लोग भगवान श्रीराम की चरणों के दास बनने को आतुर हो जाते हैं। उक्त बातें बहादुरपुर पटोरी के मातृ प्रेरणा सत्संग संगठन की 28वीं वर्षगांठ पर आयोजित चार दिवसीय राम कथा वाचन में मध्यप्रदेश से पधारीं कथावाचिका साध्वी लीला भारती ने कही। उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद से पधारे संत वैराग्यानंद जी महाराज ने भी राम कथा वाचन किया। उन्होंने कहा कि भक्ति, ईश्वर तक पहुंचने का एक सरल और सफल मार्ग है, परंतु इसके लिए लोगों को अपने व्यवहार, विचार, आहार में बदलाव लाना होगा। शाकाहार, सुविचार और उत्तम संस्कार...