पीलीभीत, जनवरी 1 -- पीलीभीत। नगर के एक बाराघर में चल रहे सात दिवसीय अमृतमयी श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। वृंदावन से आए कथा व्यास श्री गौरवानंद जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्त प्रहलाद चरित्र का ऐसा जीवंत वर्णन किया कि उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। पूरा पंडाल नमो भगवते वासुदेवाय और श्री राधे राधे से गुजायमान हो उठा। भक्त प्रहलाद के चरित्र की व्याख्या करते हुए महाराज जी ने कहा कि भगवान के भक्त प्रहलाद को अपनी मां कयाधु के गर्भ में ही संस्कारवान, आदर्शवादी बनने की प्रेरणा मिली थी। वक्त प्रहलाद का जीवन हमें सिखाता है कि ईश्वर भक्ति और धर्म के मार्ग पर अडिग रहकर कोई भी संकट पार किया जा सकता है। भक्त प्रहलाद का चरित्र साहस, भक्ति और सत्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। भगवान के प्रति श्रद्धा ...