हमीरपुर, दिसम्बर 1 -- भरुआ सुमेरपुर, संवाददाता। श्री गायत्री महायज्ञ की 68वीं वर्षगांठ के अवसर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास दुर्गा प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि तुलसीदास, मीरा, सूरदास की रचनाएं अद्भुत है। उनकी रचनाओं ने मनुष्य को सद्मार्ग पर चलने की राह दिखाती हैं। कथा व्यास ने भक्त प्रह्लाद का सुंदर वृतांत सुनाते हुए कहा कि उन्होंने असुर कुल में जन्म लेकर भी ईश्वर का साक्षात दर्शन आशीर्वाद अपनी भक्ति के बल पर प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े साधु संतों, ऋषियों मुनियों को जीवनपर्यंत तपस्या के उपरांत ईश्वर के साक्षात दर्शन नहीं प्राप्त होते हैं। वहीं भक्त प्रह्लाद ने बाल्यकाल में ही ईश्वर के दर्शन पाकर जीवन को धन्य बना लिया। उन्होंने सनकादि आदि की कथा सुनाते हुए कहा की मृत्यु का भय सभी जीवात्मा को होता है। लेकिन ...
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