मिर्जापुर, फरवरी 2 -- हलिया। कस्बा स्थित माता चौरा मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय सात दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन रविवार को अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक पंडित उमानाथ महाराज ने कहा कि संसार में परिवार सास, ससुर, भाई बंधू का एक मेला है। इसमें यदि भगवान का स्मरण हो तो इससे बडा कोई सौभाग्य नहीं है। एक बार जय श्रीराम बोलने से भगवान का हृदय में बास हो जाता है। भगवान श्रीराम की भक्ति को प्रेम का मार्ग बताते हुए कहा कि प्रभु को पाने के लिए सच्चे हृदय का प्रेम ही सर्वोपरि है। महाराज ने शिव पार्वती संवाद के माध्यम से बताया कि भगवान को न तो बाहरी आडंबर प्रिय है और न ही दिखावा बल्कि उन्हें केवल निष्काम प्रेम और श्रद्धा से प्राप्त किया जाता है। रामहि केवल प्रेम पियारा की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि प्रेम से ही भक्ति सजीव होती है और वही प्रभु से...