नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मात्रा वृद्धि अगले वित्त वर्ष में दुर्लभ धातुओं की आपूर्ति में सुधार से 16-18 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि चालू वित्त वर्ष में आपूर्ति शृंखला बाधाओं के कारण इसके 12-13 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है। क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की वृद्धि अस्थायी रूप से दुर्लभ खनिजों (रेयर-अर्थ मैग्नेट) की आपूर्ति में व्यवधान और आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) मॉडलों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के युक्तिकरण के कारण धीमी रहने के आसार है। गत वित्त वर्ष 2024-25 में इलेक्ट्रिक दोपहिया की मात्रा वृद्धि 22 प्रतिशत रही थी।

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