हमीरपुर, अक्टूबर 11 -- भरुआ सुमेरपुर। स्वामी रोटीराम महाराज की तपस्थली इंगोहटा गांव के मुमुक्ष आश्रम में आयोजित भागवत कथा के दौरान दंडी स्वामी महेश्वरानंद ने जीवन जीने की कला पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से कमाया गया धन न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामाजिक विनाश का कारण बनता है। यह धन भले ही तात्कालिक सुख दे, किंतु यह अंतत: दुख और अशांति का कारण बनता है। स्वामी जी ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और परिश्रम से अर्जित धन ही जीवन में सच्चा सुख और समृद्धि लाता है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि धन कमाने की लालसा में नैतिकता को नहीं भूलना चाहिए। ईमानदारी का मार्ग कठिन हो सकता है, परंतु यह आत्मिक शांति और सामाजिक सम्मान प्रदान करता है। स्वामी जी ने भगवद्गीता के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए बताया कि कर्म और धर्...
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