मधुबनी, फरवरी 7 -- मधुबनी,निज संवाददाता। स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त शिक्षकों और पुस्तकालयाध्यक्षों के ईपीएफ अंशदान को लेकर शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से त्वरित रिपोर्ट मांगी है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम विधान मंडल के चालू सत्र में उठे सवालों के बाद उठाया गया है। विभाग को यह जानकारी चाहिए कि शिक्षकों के वेतन से हर महीने की जाने वाली ईपीएफ कटौती और सरकार की ओर से दिया जाने वाला अंशदान सही तरीके से संबंधित ईपीएफ खातों में जमा हुआ है या नहीं। निदेशालय के अनुसार सितंबर 2020 से अब तक प्रत्येक शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष के वेतन से प्रतिमाह 1800 रुपये की ईपीएफ कटौती होनी थी। इसके साथ ही सरकार की ओर से भी तय अंशदान ईपीएफ खाते में जमा किया जाना था। इसी को लेकर अब सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी क...