मैनपुरी, फरवरी 24 -- रमजान माह के रोजे जैसे-जैसे अपने पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे रोजदारों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। जिसमें युवाओं की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। इधर बाजारों में होली व ईद के त्योहार को लेकर रौनक बढ़ने लगी है। वहीं फल बेचने वालों में भी ठेले को फलों से सजा लिया है। क्योंकि ज्यादातर रोजेदार फलों से ही रोजा खोलते हैं। खजूर रोजदारों की पहली पसंद होती है। वैसे तो चीकू, अंगूर, अमरूद, सेब, केला, पपीता आदि भी इफ्तार की दस्तरखान की शोभा बढ़ा रहे हैं, लेकिन खजूर इन सबसे अलग होता है, क्योंकि हुजूर पाक भी खजूर से रोजा खोला करते थे। खानकाह अफजलिया के सज्जादा नसीन हाजी हाशिम जमाल ने फरमाया कि रजमान माह अल्लाह ताला का महीना होता है। जिसमें 30 दिनों तक रोजा रखा जाता है। रोजा 30 रखने के बाद ईद मनाई जाती है। ई...