नई दिल्ली, मई 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के निर्णय लेने के लिए मुद्दे तय करे, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार करने एवं उनकी संपत्ति कुर्क करने के ईडी के अधिकार को बरकरार रखा गया है। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ के समक्ष दलील दी कि समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई उस पीठ द्वारा उठाए गए दो विशिष्ट मुद्दों से आगे नहीं बढ़ाई जा सकती, जिसने अगस्त 2022 में याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले को वृहद पीठ को सौंपे जाने की जरूरत है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख निर्धारित की और कहा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.