आजमगढ़, जनवरी 12 -- रानी की सराय, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बड़ैला ताल मेंइस बार प्रवाशी पक्षियों की आमद कम हुई है। ठंढ के आने में देर और आये दिन शिकार होने का कारण प्रवाशी पक्षियों का कम आना माना जा रहा है। पूर्व में ठंढ शुरु होते ही प्रवाशी पक्षियों से बड़ैल ताल गुलजार हो जोते थे। क्षेत्र के बडै़ला ताल विदेशी मेहमान पक्षियों के लिए मुफीद माना जाता रहा है। ठंढ शुरु होते ही नवंबर माह में ही प्रवासी पक्षी आ जाते थे। इस बार अभी तक नाम मात्र के ही आये हैं। इनकी आमद अच्छी होने से इनके कलरव से ताल गुलजार रहते थे। शिकार के चलते इनकी संख्या घटती जा रही है। विदेशों में इन दिनों मौसम अधिक सर्द होने के चलते ये तालो में अपना आशियाना बनाते हैं। आने वाले प्रवाशी पक्षियों में लालसर, कैमर, टिकवा आदि शामिल रहते हैं।

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