लखनऊ, नवम्बर 27 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पीलीभीत के सैकड़ों को किसानों को बड़ी राहत देते हुए भूमि अधिग्रहण कानूनों को स्पष्ट किया है। न्यायालय ने कहा है कि भले ही अधिग्रहण प्रक्रिया वर्ष 2014 के नए कानून लागू होने के पहले से शुरू हुई हो लेकिन यदि मुआवजा नहीं प्रदान किया गया है तो नए कानून अर्थात भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत ही मुआवजा प्रदान किया जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने पीलीभीत जनपद के किसानों कृशन कुमार शर्मा व अन्य की याचिका तथा राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर एक साथ सुनवायी करते हुए पारित किया। किसानों की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार का कहना था कि पीलीभीत के खरुआ गांव में एसएसबी (सीमा...
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