लखीमपुरखीरी, दिसम्बर 29 -- कुकरा, संवाददाता। मंज़ूरशुदा मदरसा दारुल उलूम में आयोजित इस्लामिक कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि मौलाना इसहाक़ ने कहा कि मज़हब-ए-इस्लाम में इल्म हासिल करना हर मोमिन पर फर्ज़ है। उन्होंने फरमाया कि इल्म के लिए अगर दूर-दराज़ का सफर भी तय करना पड़े तो उससे पीछे नहीं हटना चाहिए। इल्म के बगैर इंसान हक़ और बातिल की पहचान नहीं कर सकता। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि मौलाना अहसानुल्लाह खान, दारुल उलूम के मुदर्रिस मुफ्ती आदिल एख़लाक़ ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मदरसा दारुल उलूम के मुदर्रिस हाफिज़ मुजीबुल्लाह खान ने कुरआन-ए-पाक का हिफ्ज़ मुकम्मल कराया। कॉन्फ्रेंस का आग़ाज़ कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हाफिज़ मुजीबुल्लाह खान ने किया, जबकि निज़ामत मुफ्ती हाशिम ने की। कार्यक्रम की सदारत दारुल उलूम के प्रबंधक मौलाना ...