बरेली, नवम्बर 10 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। उर्स-ए-हामिदी के मौके देशभर से आए उलेमा ने इल्म, सुन्नियत और वतन से मोहब्बत का पैगाम दिया। आला हजरत दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने छात्रों से आह्वान किया कि वे सुन्नी सूफी खानकाही विचारधारा को आगे बढ़ाएं और इल्मे-दीन को अपना हथियार बनाएं। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा है कि मजहब और मुल्क दोनों से मोहब्बत का पैगाम आम करना हर छात्र का फर्ज है। दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स-ए-हामिदी के दूसरे दिन रविवार को कुल की रस्म अकीदतमंदों की मौजूदगी में अदा की गई। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत व सय्यद आसिफ मियां की देखरेख में उलेमा की तकरीर हुई। मदरसा मंजर-ए-इस्लाम का 122 वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। फारिग सभी 192 तलबा (छा...
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