रांची, फरवरी 16 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2025 के ड्राफ्ट हेतु गठित वर्किंग ग्रुप पर ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने आरोप लगाया कि सरकार गुपचुप तरीके से निजीकरण को बढ़ावा देने वाले इस बिल को बजट सत्र में पेश करना चाहती है। उन्होंने वर्किंग ग्रुप में एक निजी संगठन (डिस्कॉम्स एसोसिएशन) को शामिल करने और कर्मचारी यूनियनों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि 14 दिनों के भीतर तैयार की गई इस जल्दबाजी भरी रिपोर्ट के आधार पर बिल लाया गया, तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सड़कों पर उतरेंगे।

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