नई दिल्ली।, अगस्त 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। हाईकोर्ट ने एक दोषी की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया था, वह भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों को लागू किए बिना। जस्टिस जेपी पारदीवाला और आर. महादेवन की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सजा निलंबन से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को ध्यान में नहीं रखा गया। इसके लिए रामा शिंदे गोसाई बनाम गुजरात राज्य (1999) में दिए गए निर्णय का भी उल्लेख किया गया। इस फैसले में कहा गया था कि यदि दोषी को निश्चित अवधि की सजा हुई हो और उसने वैधानिक अधिकार के तहत अपील दाखिल की हो तो सजा निलंबन को उदारतापूर्वक देखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट से आया एक और ऐसा ...
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