नई दिल्ली, मार्च 22 -- जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास से कथित रूप से नकदी मिलने और बाद में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने के मामले पर उत्पन्न विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने शुक्रवार को जजों की नियुक्ति प्रणाली (कॉलेजियम सिस्टम) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने जजों की नियुक्ति में अधिक पारदर्शिता की अपील की है। समाचार चैनलों से बात करते हुए साल्वे ने कहा कि इस घटना ने न्यायपालिका की संस्था को ही चुनौती दी है कि सिर्फ एक आंतरिक जांच से काम नहीं चलेगा। साल्वे ने कहा, "मैं हमेशा से कॉलेजियम का आलोचक रहा हूं। यह एक अस्थायी व्यवस्था है। सिस्टम को पारदर्शिता के साथ चलना चाहिए और कॉलेजियम इस तरीके से काम नहीं कर सकता।" जज को इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने के निर्णय पर असहमति व्यक्त करते हुए उन्होंन...
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