नई दिल्ली, मार्च 24 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट एक विवादित फैसले से उस टिप्पणी को हटाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में 11 साल की एक नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न के मामले में उच्च न्यायालय फैसला देते हुए कहा था कि 'नाबालिग लड़की के स्तनों को पकड़ना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना, उसके कपड़े उताड़ने का प्रयास और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना दुष्कर्म या दुष्कर्म के प्रयास का अपराध नहीं है। जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और पीबी वराले की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता ने सुनवाई शुरू होते ही कहा कि 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा दिया गया है। लेकिन इससे पहले कि वह आगे बोल पाता, जस्टिस त्रिवेदी ने अधिवक्ता को रोकते हुए कहा कि अदालत में 'भाषणबाजी की अनुमति नहीं ...
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